सभी के लिए शिक्षा और खेल जरूरी है

शिक्षा और खेल साथ मिलकर बच्चों के जीवन को बदलने की क्षमता रखते हैं। 2010 से, मुंबई इंडियंस 'ईएसए - एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स फॉर ऑल' का समर्थन कर रहा है। इस पहल के जरिए रिलायंस फाउंडेशन ने 18 मिलियन से अधिक बच्चों के जीवन को प्रभावित किया है। यह पहल भारत के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल के अवसर प्रदान करती है।

ईएफए 2018 में सभी (ईएसए) लोगों के लिए शिक्षा और खेल के लिए विकसित हुआ। ईएसए रिलायंस फाउंडेशन की प्रमुख इनिशिएटिव में से एक है, जो 13 मिलियन से अधिक बच्चों के जीवन के बदलने के लिए शिक्षा और खेल के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है। ईएसए इस पहल से शिक्षा और खेल पर ध्यान केंद्रित करके सम्पूर्ण रूप से विकास प्रदान करना चाहती है, और पूरे वर्ष विभिन्न खेल में सुविधाएं, ट्रेनिंग, मूलभूत सुविधाएं और सभी प्रकार की तैयारियों के माध्यम से खेल के व्यवस्थाओं में गुणवत्ता को बढ़ाने का प्रयास करती है।

ईएसए के माध्यम से मुंबई इंडियंस शिक्षा का समर्थन करता है, और वंचित और विशेष रूप से विकलांग बच्चों के बीच खेल को प्रोत्साहित करता है।

ईएसए के माध्यम से रिलायंस फाउंडेशन यूथ स्पोर्ट्स खेल की बुनियादी ढांचे में सुधार कर रहा है, कोच को मजबूत कर रहा है, सभी प्रकार के उपकरण प्रदान कर रहा है, और इसके साथ ही योग्य कलाकारों को अनुदान की व्यवस्था मुहैया कर रहा है।

ईएसए के माध्यम से रिलायंस फाउंडेशन युवा चैंप्स को पूर्णकालिक आवासीय फुटबॉल छात्रवृत्ति प्रदान करता है, जो शिक्षा, ट्रेनिंग, विकास और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करता है।

ईएसए के माध्यम से रिलायंस फाउंडेशन जूनियर एनबीए, जो पूरे भारत में स्कूल-आधारित बास्केटबॉल कार्यक्रमों पर फोकस करता है, जिसमें कोच को सशक्त बनाने और क्वालिटी वाले उपकरण प्रदान करने पर खास ध्यान दिया जाता है।

  1. आरम्भ - नवी मुंबई में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों के परिवारों के साथ यह काम करता है। जहां वे शिक्षा, स्वास्थ्य और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में अधिकारहीन समुदायों के लिए काम करते हैं। इसके साथ ही वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रवासी परिवारों के बच्चे स्कूल में दाखिला लें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करें।
  2. असीमा - अधिकारहीन समुदायों के बच्चों को उच्च गुणवत्ता और वैल्यू आधारित शिक्षा प्रदान करने की दिशा में यह काम करता है। जहां पिछले 17 वर्षों में, एनजीओ ने मुंबई में झुग्गी बस्तियों में रहने वाले बच्चों और इगतपुरी में दूरदराज के आदिवासी समुदायों के साथ बड़े पैमाने पर काम किया है।
  3. मेलजोल - यह बच्चों को समाज में जिम्मेदारी से योगदान करने और आवश्यक अवसर प्रदान करने के लिए सामाजिक और वित्तीय शिक्षा के साधनों का उपयोग करता है। वहीं, इसके साथ ही मेलजोल, देश भर के नगरपालिका स्कूलों, जिला परिषदों और आदिवासी स्कूलों में कम उम्र के बच्चों तक पहुंचता है।
  4. मुंबई मोबाइल क्रेच - यह मुंबई में निर्माण स्थलों पर बच्चों के साथ काम करता है, जिससे उन्हें सुरक्षित, खुशहाल और स्वस्थ बचपन मिल सके। वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन और एक उज्ज्वल भविष्य के लिए एक व्यवस्था प्रदान करते हैं।
  5. सखी फॉर गर्ल्स एजुकेशन - सखी का मिशन सामुदायिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण मुहैया कराना है, ताकि मुंबई की मलिन बस्तियों की हर लड़की को आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा को जारी रखने का अवसर मिले। सखी समुदाय-आधारित स्कूली कार्यक्रम के माध्यम से अन्य स्लम लड़कियों के लिए बुनियादी शैक्षिक क्षमताओं का निर्माण कर रही है।
  6. उम्मीद - विकास की अक्षमता या विकलांग लोगों के लिए उच्च जोखिम में पैदा हुए बच्चों की क्षमता को समाज की मुख्य धारा में शामिल करने में सक्षम बनाने की दिशा में यह काम करता है। एनजीओ इन बच्चों और उनके परिवारों को विकसित करने, सीखने और उनके जीवन को पूरी तरह से आगे बढ़ने में मदद करने के लिए सभी प्रकार के डेवलपमेंट का उपयोग करता है।
  7. मिलान: मिलान, का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को शिक्षित करना, साथ ही उन्हें सक्षम बनाने और सशक्त बनाने के लिए मिलकर उनके लिए जगह बनाना है, ताकि वे अपनी काबिलियत का पता लगा सकें और अपने खुद के जीवन में और समुदायों में परिवर्तन करने वाले बन सकें। मिलान, समान दुनिया में उन्हें अवसर बनाने के लिए बच्चों और विशेष रूप से कम आय वाले समुदायों की किशोर लड़कियों के साथ शैक्षिक और बेहतरीन लीडरशिप के निर्माण को लेकर प्रोग्राम चलाते हैं।
  8. वन बिलियन लिटरेट फाउंडेशन:वन बिलियन लिटरेट फाउंडेशन (ओबीएलएफ) शिक्षा में समानता के लिए प्रयास करता है, वहीं, एक फन एक्टिविटी आधारित पाठ्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण बच्चों को अंग्रेजी भाषा और तकनीकी की मूल बातें सिखाता है। ओबीएलएफ ऊपर दिए गए स्किल प्रदान करने के लिए ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित करता है और रोजगार देता है, जिससे उन्हें सशक्त और वित्तिय तौर पर दिमाग़ी स्वतंत्रता मिलती है।
  9. दीपालय: दीपालय महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ, शहरी और ग्रामीण इलाकों में गरीबों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। दीपालय का शिक्षा, विकलांगता, स्वास्थ्य, संस्थागत देखभाल और महिला सशक्तिकरण क्षेत्रों में हस्तक्षेप रहता है।
  10. स्लम सॉकर: स्लम सॉकर एक फीफा से सम्मानित संस्था है, जो फुटबॉल की पावर का उपयोग करके कम उम्र के बच्चों और युवाओं के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में काम करती है। यह विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए पाठ्यक्रम और गतिविधियों के माध्यम से, स्लम सॉकर अपने प्रतिभागियों को सीखने और फिटनेस के प्रयास करने के लिए लोगों को जोड़ना और संगठित करता है।
  11. युवा: युवा भारत के झारखंड में टीम स्पोर्ट्स (फुटबॉल) और शिक्षा के माध्यम से लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए काम करता है। इसके साथ ही युवा का मिशन लड़कियों को अपने खुद के भविष्य के फैसले को लेकर और बाल विवाह और मानव तस्करी जैसी सामाजिक समस्याओं का सक्रिय रूप से विरोध करने के लिए सशक्त बनाना है।
  12. द कम्युनिटी लाइब्रेरी प्रोजेक्ट: द कम्युनिटी लाइब्रेरी प्रोजेक्ट (टीसीएलपी) का मानना है कि सभी लोगों की किताबों तक पहुंच होनी चाहिए। टीसीएलपी पाठ्यक्रम और सर्वोत्तम चीजों को विकसित करता है, जो पहली पीढ़ी के पाठकों और शहरी गरीबों के लिए किताबों को पढ़ने और सोचने जैसी चीजों को बढ़ावा देता है।
  13. ऑस्कर फाउंडेशन: ऑस्कर फाउंडेशन, फुटबॉल के माध्यम से शिक्षा के वैल्यू को बढ़ावा देता है और उनके समुदाय के डेवलपमेंट की जिम्मेदारी लेते हुए कमजोर बच्चों और युवाओं को की लाइफ स्किल को सशक्त बनाता है।
  14. लीपफॉरवर्ड:लीपफॉरवर्ड सिर्फ एक कारण के लिए समर्पित है- जो भारत में अंडर-सर्व वाले समुदायों में बच्चों के अंग्रेजी भाषा स्किल को बढ़ाने के लिए है। लीपफॉरवर्ड क्षेत्रीय भाषा के लोगो के लिए सरल अंग्रेजी भाषा सीखने का समाधान तैयार करता है, और वहीं, स्थानीय शिक्षकों के माध्यम से इन समाधानों को ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन के माध्यम से आसान बनाता है और उन्हें अपने संबंधित समुदायों में अंग्रेजी कक्षाएं शुरू करने में मदद करता है।