News

कीरोन पोलार्ड: एक शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का हुआ अंत

By Mumbai Indians

यकीन मानिए यह कोई साधारण खिलाड़ी नहीं है... ईश्वर ने मानो उनकी तकदीर में ‘सिक्सर किंग’ बनना पहले से ही तय कर दिया था।

उन्होंने 20 जून, 2008 को वेस्टइंडीज के लिए अपना T20 इंटरनेशन डेब्यू किया, लेकिन उन्हें अपने T20 इंटरनेशनल करियर के शुरुआती तीन मैचों में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला।

न्यूजीलैंड के खिलाफ वह अपने चौथे T20 इंटरनेशनल मैच में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरे, जहां उन्होंने ऑफ स्पिनर जीतन पटेल की पहली गेंद पर मिड विकेट पर छक्का लगाया।

उनके इस अंदाज को देखते हुए हम कह सकते हैं कि यह पोलार्ड की खूबी थी। उन्हें विकेट का आकलन करने या स्थिति को समझने की जरूरत नहीं थी। उनके पास आते ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने की क्षमता थी। इस खूबी ने उन्हें इस पीढ़ी के सबसे महान सफेद-गेंद वाले क्रिकेटरों में शुमार कर दिया।

20 अप्रैल, 2022 को पोलार्ड ने घोषणा करते हुए कहा कि वह 15 साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं ।

उन्होंने अपने करियर के दौरान एक T20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी, 324 मैचों में 4275 रन और 97 विकेट झटके। इसके साथ ही पोलार्ड ने 63 मैचों में कप्तान की भूमिका निभाई। ये आंकड़े इस बात का सबूत है कि वह वेस्टइंडीज के लिए कितने बड़े खिलाड़ी थे।

पोली ने एकदिवसीय मैचों में वेस्टइंडीज के लिए तीन शतक जड़े, जिनमें से पहला उन्होंने 11 दिसंबर, 2011 को भारत के खिलाफ जड़ा।

268 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विंडीज 36-4 के स्कोर पर संघर्ष करती हुई नजर आ रही थी। इसके बाद पोलार्ड छठे नंबर पर आए और 110 गेंदों में 119 रन की धमाकेदार पारी खेली।

भले ही दूसरे छोर पर आने वाले बल्लेबाज आउट होते रहे लेकिन उन्होंने रन बनाना जारी रखा और विंडीज को 233 के स्कोर पर पहुंचा दिया। हालांकि वह एक बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में अंतिम विकेट के रूप में आउट हो गए।

एक बड़ा सच यह भी है कि आप यह नहीं कह सकते हैं कि 2012 में विंडीज के T20 वर्ल्ड कप जीत में उनका बहुत बड़ा योगदान था। 

पूरे टूर्नामेंट में काफी कम रन बनाने के बाद पोलार्ड ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धमाकेदार पारी खेली। 16वें ओवर में 140-3 के स्कोर पर उतरे इस खिलाड़ी ने 15 गेंदों में 38 रनों की शानदार पारी खेली और जब वह अंतिम गेंद पर आउट हुए, तब विंडीज का स्कोर 205 पहुंचा दिया।

इसके बाद उन्होंने एक ओवर भी डाला। इसमें उन्होंने खतरनाक जॉर्ज बेली का विकेट लिया, जिन्होंने 29 गेंदों में 63 रन बनाए और उसी ओवर में पैट कमिंस का विकेट झटका। इसके बाद पोलार्ड ने ट्रॉफी उठाने के लिए फाइनल जीत लिया।

अपनी नेशनल टीम में डेब्यू करने के छह साल बाद, टीम के कप्तान ड्वेन ब्रावो के कमर में चोट लगने की वजह से पोलार्ड ने किंग्स्टन में भारत के खिलाफ एकदिवसीय मैच में पहली बार वेस्टइंडीज की कप्तानी की। इस मैच से उन्होंने विजयी शुरुआत की और विंडीज ने एक विकेट से शानदार जीत दर्ज की।

पोलार्ड ने 2019 में पहली बार T20I में विंडीज की कप्तानी की और उस मैच को 30 रनों से जीत लिया। उन्होंने उस मैच में कुल 32 रन बनाए और तीन ओवर में दो विकेट लिए।

4 मार्च, 2021 को पोलार्ड ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस दिन वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए।

वह अकिला धनंजय के हैट्रिक लेने के बाद पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरे। छठे ओवर में धनंजय ने एक और विकेट की तलाश में वापसी की।

लेकिन पोलार्ड ने कुछ और ही सोच रखा था। उन्होंने लगातार छह गेंदों पर छक्के जड़ते हुए अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा लिया।

उन्होंने 20 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा करने से पहले एक कप्तान के रूप में 6 फरवरी, 2022 को विंडीज के साथ T20I में भारत के लिए अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेला।

उनका डेढ़ दशक का एक शानदार करियर रहा है। यकीनन यह अंतरराष्ट्रीय मंच आपको हमेशा याद रखेगा, पोलार्ड!